राजौरी-पुंछ के विधायकों ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर धरना दिया
जम्मू, ०4 फरवरी (हि.स.)। राजौरी और पुंछ के कई विधायकों ने बुधवार को विधान सभा परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इन विधायकों ने पीर पंजाल क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में मौजूद नहीं होने का दावा करके कथित तौर पर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए विपक्ष के नेता से माफी मांगने की मांग की।
दरअसल, विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कोई पीर पंजाल क्षेत्र नहीं है। यह मुद्दा सदन में कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने उठाया, जिसके बाद सदन में भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण हंगामा मच गया। इसके बाद स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस के ऐजाज जान, कांग्रेस के इफ्तिखार अहमद, जावेद इकबाल, मुजफ्फर इकबाल खान और चौधरी अकरम ने पीर पंजाल के पक्ष में नारे लगाते हुए सदन के बाहर धरना दिया।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने कहा कि जब तक विपक्ष के नेता सुनील शर्मा माफी नहीं मांगते, तब तक हम सदन को चलने नहीं देंगे। उन्होंने पीर पंजाल के लोगों का अपमान किया है। उन्हें पीर पंजाल के नाम का सम्मान करना चाहिए, जो लंबे समय से जाना जाता है।
एनसी विधायक ऐजाज जान ने भी मांग की कि शर्मा सदन में माफी मांगें। जान ने कहा कि उन्होंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जब तक वह माफी नहीं मांग लेते, हम अपना विरोध जारी रखेंगे। हम इस देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने से इनकार कर दिया और दोहराया कि जम्मू-कश्मीर में ऐसा कोई क्षेत्र मौजूद नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आप ऐसे नाम नहीं बना सकते। जम्मू-कश्मीर एक इकाई है। उन्होंने कहा कि लोगों को राजौरी, पुंछ और डोडा बेल्ट के नाम देखने के लिए प्राचीन ग्रंथ पढ़ने चाहिए