**अनुच्छेद 370 का दुरुपयोग कर जम्मू और लद्दाख को अलग-थलग किया गया-एलजी लद्दाख**
**जोरियां में शहीदी दिवस स्मरण समारोह, किसान स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन** **जोरियां के शहीदों को श्रद्धांजलि, प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान** **प्रजा परिषद के शहीदों ने ‘एक विधान, एक निशान’ को साकार किया
जोरियां, 31 जनवरी: माननीय उपराज्यपाल लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि अनुच्छेद 370 का पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर 1949 को अस्थायी प्रावधान के रूप में लाया गया यह अनुच्छेद जम्मू और लद्दाख क्षेत्रों को राजनीतिक, संवैधानिक और भावनात्मक रूप से अलग-थलग करने के लिए इस्तेमाल किया गया। जनता की सेवा करने के बजाय यह सत्ता, भेदभाव और समान अधिकारों से वंचित करने का माध्यम बन गया।
श्री कविंदर गुप्ता ने ये विचार अखनूर सेक्टर के जोरियां में प्रजा परिषद मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शहीदी दिवस स्मरण समारोह एवं किसान स्वास्थ्य मेले को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री दलजीत सिंह चिब ने की।
1953 की घटनाओं को याद करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जब जम्मू क्षेत्र के देशभक्त नागरिकों ने शांतिपूर्वक “एक राष्ट्र, एक संविधान, एक निशान” की मांग की, तो तत्कालीन सरकार ने इसे अपराध की तरह लिया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और जोरियां के सात युवा देशभक्तों का सर्वोच्च बलिदान—जो प्रजा परिषद आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने के प्रयास में शहीद हुए—संवैधानिक समानता और राष्ट्रीय एकता के संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 का जानबूझकर इस्तेमाल लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण को रोकने के लिए किया गया।
उपराज्यपाल ने कहा कि जोरियां केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि बलिदान और देशभक्ति की भूमि है। उन्होंने जोरियां और कारगिल के बीच प्रतीकात्मक संबंध स्थापित करते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों की मिट्टी में साहस और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान की एक ही भावना समाहित है। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के अद्वितीय शौर्य की गवाह टोलोलिंग चोटियों से लाई गई पवित्र मिट्टी राष्ट्रप्रथम की भावना और सशस्त्र बलों के समर्पण की याद दिलाती है।
श्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने से शहीदों और जनता की वर्षों पुरानी आकांक्षाएं पूरी हुईं। इस ऐतिहासिक निर्णय से संवैधानिक समानता बहाल हुई, सभी नागरिकों को समान अधिकार मिले और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को एकता एवं समावेशी विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ाया गया।
लद्दाख में विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में लद्दाख का बजट लगभग छह गुना बढ़ा है, जिससे बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति, शिक्षा, संपर्क व्यवस्था और रोजगार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जल जीवन मिशन, 4जी कनेक्टिविटी का विस्तार, जोजिला सुरंग का निर्माण और लेह एयरफोर्स स्टेशन पर समानांतर रनवे का उद्घाटन जैसे कार्यों को उन्होंने संपर्क, पर्यटन और आर्थिक विकास के प्रमुख मील के पत्थर बताया।
उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र जोरियां के शहीदों का सदा ऋणी रहेगा और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को एकता, अखंडता और भारतीय संविधान के मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने युवाओं से भी शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने, देशभक्ति, एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाने तथा संविधान और राष्ट्रीय एकता की रक्षा करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसके पश्चात उपराज्यपाल ने समाज कल्याण में उत्कृष्ट सेवा, समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान के लिए सरकारी अधिकारियों और नागरिक समाज के सदस्यों को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम से पूर्व प्रजा परिषद आंदोलन पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें “एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के संघर्ष से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, तस्वीरें और ऐतिहासिक विवरण प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में नारायणा अस्पताल द्वारा स्वास्थ्य मेला तथा कृषि विभाग द्वारा किसान मेला भी आयोजित किया गया।
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि प्रजा परिषद के शहीदों की एक स्मारक प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे आंदोलन के दौरान शहीद हुए वीरों के घरों से लाई गई पवित्र मिट्टी से विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। यह मिट्टी शहीदों, उनके परिवारों और मातृभूमि के बीच शाश्वत संबंध का प्रतीक होगी और स्मरण को एक जीवंत एवं स्थायी राष्ट्रीय श्रद्धांजलि में परिवर्तित करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा ने कहा कि प्रजा परिषद के शहीदों का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।