**खेल एक शक्तिशाली माध्यम है जो व्यक्तियों को गढ़ता है, समुदायों को जोड़ता है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है: एलजी सिन्हा**
**जम्मू, 17 जनवरी:** उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को जम्मू में युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय **‘राष्ट्रीय स्तरीय खेल सम्मेलन – सृजन (SRIJAN)’** का उद्घाटन किया।
सम्मेलन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में खेल प्रणालियों को सशक्त बनाने हेतु ठोस रणनीतियों की पहचान करना, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और जम्मू-कश्मीर खेल नीति 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रोडमैप तैयार करना तथा एक लचीली और भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी के निर्माण के उपायों को उजागर करना है।
अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने खेलों को शिक्षा और आवश्यक जीवन कौशल से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा पाठ्यक्रम में खेलों के समावेश से युवाओं का संपूर्ण और सर्वांगीण विकास संभव है।
उपराज्यपाल ने कहा,
“खेल एक शक्तिशाली शक्ति है जो व्यक्तियों को गढ़ती है, समुदायों को जोड़ती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। युवाओं के लिए खेल एक वास्तविक जीवन की पाठशाला है, जो अनुभव के माध्यम से अनुशासन, मूल्य और नेतृत्व सिखाती है। यह सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और समाज की समग्र प्रगति का सशक्त माध्यम है।”
उपराज्यपाल ने इस बात पर बल दिया कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभा का विकास केवल शांतिपूर्ण वातावरण में ही संभव है। भारत को एक सच्ची खेल महाशक्ति बनाने के लिए खेल और राजनीति को पूरी तरह अलग रखना होगा।
उन्होंने कहा कि राजनीति को खेलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और प्रतिभाशाली युवाओं को उनके योग्य अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
“हमें ऐसी प्रणाली बनानी होगी, जिसमें चयन प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे,” उन्होंने कहा।
उपराज्यपाल ने खेल प्रतिभाओं को आवश्यक समर्थन देने और जमीनी स्तर पर अत्याधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के प्रशासन के संकल्प को भी दोहराया।
उन्होंने महिलाओं और युवाओं की खेलों में भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन देने और उन्हें पीछे रखने वाली प्रमुख बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं को खेलों के माध्यम से अवसरों के नए मार्ग सृजित करने चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा,
“खेलों में निवेश का अर्थ है अनुशासित नागरिकों और देश के भविष्य को आकार देने वाले आत्मविश्वासी समाज में निवेश। सशक्त खेल संस्कृति के निर्माण के लिए खेलों को दैनिक सामुदायिक जीवन के केंद्र में लाना होगा और उन्हें शिक्षा व जीवन कौशल से जोड़ना होगा।”
उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय खेल एजेंडा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शासन, भागीदारी, खिलाड़ी विकास और प्रदर्शन उत्कृष्टता में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान हेतु युवा सेवा एवं खेल विभाग, जम्मू-कश्मीर के इस अनूठे प्रयास की सराहना की।
उन्होंने खेल परिषदों, महासंघों, प्रशासकों और अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को ऊंचा उठाने के लिए विशेष रूप से तैयार रणनीतिक विकास योजनाएं बनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अतल डुल्लू; युवा सेवा एवं खेल विभाग की आयुक्त/सचिव सुश्री यशा मुद्गल; पद्मश्री डॉ. करनम मल्लेश्वरी (ओलंपियन), कुलपति, दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी; श्री रमेश कुमार; संभागीय आयुक्त जम्मू; महानिदेशक युवा सेवा एवं खेल सुश्री अनुराधा गुप्ता; वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रख्यात खेल हस्तियां, खेल विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।