लोकतांत्रिक शक्तियों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर करना होगा कार्यः जयशंकर

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नई दिल्ली, 20 नवंबर । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सामरिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित 16वें भारत-ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री संवाद में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति, रणनीतिक साझेदारी की स्थिति और भविष्य की दिशा पर व्यापक चर्चा हुई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने शुरुआती वक्तव्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती सामरिक निकटता और व्यापक सहयोग को रेखांकित किया। जयशंकर ने कहा कि आज भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वासी साझेदार बनकर उभरे हैं। जटिल वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी लोकतांत्रिक शक्तियों को समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ता, आतंकवाद निरोध और जलवायु कार्रवाई जैसे मुद्दों पर मिलकर कार्य करना होगा।

रक्षा सहयोग पर विदेश मंत्री ने हालिया उच्चस्तरीय यात्राओं, साझा सैन्य अभ्यासों, इंटरऑपरेबिलिटी, समुद्री डोमेन जागरूकता और साइबर सुरक्षा को द्विपक्षीय विश्वास का प्रतीक बताया। आर्थिक संबंधों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) अंतिम चरण में है और व्यापारिक आंकड़े लगातार मजबूत हो रहे हैं।

कौशल और शिक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की भारत में बढ़ती उपस्थिति को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे नवाचार के नए मॉडल विकसित हुए हैं। ऊर्जा साझेदारी और नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग में हुई प्रगति का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने गगनयान मिशन में ऑस्ट्रेलिया के सहयोग और भारतीय प्रक्षेपण यान से ऑस्ट्रेलियाई उपग्रह प्रक्षेपित करने की योजना के लिए भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश मंत्रियों का यह ढांचा व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक की साझा सोच को दर्शाता है। सीएसपी के पांच वर्ष पूरे होने पर उन्होंने बताया कि व्यापार, रक्षा, शिक्षा, कौशल, अनुसंधान, नवाचार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सबसे अहम, लोगों के बीच संबंधों सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने अपने शुरुआती वक्तव्य में बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा लक्ष्य पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया आज पहले से कहीं अधिक करीब हैं और उनकी साझेदारी क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण बन गई है। वोंग ने इस बात का उल्लेख किया कि क्रिकेट में भारत पुरुष और महिला दोनों टीमों में ऑस्ट्रेलिया को हरा चुका है।

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