शिवसेना ने अमरनाथ यात्रा से जुड़े प्राचीन हिन्दू मंदिरों की दयनीय स्थिति पर जताई चिंता

तत्काल पुनर्निर्माण करने की मांग

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जम्मू  । शिवसेना जम्मूण्कश्मीर ईकाई ने 1 जुलाई से शुरू हो रही भव्य श्री अमरनाथ यात्रा के मुख्य आधार शिविर पहलगाम के समीप 900 वर्ष प्राचीन ममलेश्वर एवं गनेशबल में प्राचीन गणेश मंदिर की दयनीय हालातों पर घोर चिंता जताते हुए मौजूदा सरकार को खोखले दावों एल कथित हिंदूवादी का ढौंग बंद करने तथा हिन्दुओं की आस्था से जुड़े इन पूजनीय स्थलों के तत्काल पुनर्निर्माण करने की मांग की है।

पार्टी मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रमुख मनीश साहनी ने कहा कि भव्य वार्षिक धार्मिक यात्रा से जुड़े प्राचीन एवं प्रसिद्ध हिन्दू मंदिरों की हालात अति दयनीय है।

 

अमरनाथ यात्रा के मुख्य आधार शिविर पहलगाम के पहले पड़ाव एवं पूजा स्थल गनेशबल का श्री गणेश मंदिर मात्र बोर्ड एवं लाल रंग के पूजनीय पत्थरों तक सिमिट चुका हैं। मान्यताओं के अनुसार यहां पड़े पूजनीय पत्थर भगवान गणेश के लहू से रंगे हुए पत्थर हैं ।

पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन ममलेश्वर मंदिर के आंगन के झरने पर मां पार्वती ने स्नान किया था और भगवान गणेश से प्रवेश द्वार की सुरक्षा करने के लिए कहा था। भगवान शिव को छोटे गणेश द्वारा प्रवेश से वंचित कर दिया गया जिससे वे क्रोधित हो गए। शिव ने क्रोध में आकर गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया और बाद में पार्वती के अनुरोध पर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया। मान्यताओं के अनुसार पूजनीय पत्थरों पर श्री गणेश के खून के निशान हैं यहां श्री गणेश भगवान का एक मंदिर हुआं करता था जो 2014 में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ था जिसे आज तक नवीनीकरण नहीं किया गया।

 

कश्मीर में रहने वाले हिंदू लोग और पर्यटकों के लिए यह मंदिर आस्था का प्रतीक है। वहीं स्वच्छ भारत अभियान की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है और इसके साथ ही यात्रा मार्ग एवं जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों की हालात भी दयनीय बनी हुई है।

 

साहनी ने सरकार से खोखले दावों से बाहर निकल कथित हिंदूवादी होने का ढोंग बंद कर हिन्दुओं की आस्था से जुड़े स्थलों का पुनर्निर्माण करने की मांग की है। इस मौके पर अध्यक्ष महिला विंग मिनाक्षी छिब्बरए महासचिव विकास बख्शीए अध्यक्ष कामगार विंग राज सिंहए उपाध्यक्ष संजीव कोहलीए मंगू राम उपस्थित थे।

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