घाटी में पहली बार पहुंची मालगाड़ी, अनंतनाग गुड्स शेड तक सीमेंट से लदी रेक का सफल आगमन

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नई दिल्ली, 09 अगस्त । भारत के लॉजिस्टिक नेटवर्क के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उत्तर रेलवे द्वारा कश्मीर घाटी में पहली बार एक मालगाड़ी का संचालन सफलतापूर्वक किया गया है, जो पंजाब के रूपनगर से सीमेंट की खेप लेकर सीधे अनंतनाग स्थित नवनिर्मित गुड्स शेड पहुंची। यह कदम न केवल एक इंजीनियरिंग उपलब्धि है, बल्कि कश्मीर घाटी को देश के आर्थिक और लॉजिस्टिक तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

इस पहली मालगाड़ी में 21 बीसीएन वैगनों में सीमेंट लदा हुआ था, जिसे गुजरात अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की रूपनगर स्थित इकाई से लोड किया गया। लगभग 600 किलोमीटर की दूरी को इस मालगाड़ी ने 18 घंटे से भी कम समय में तय किया, जो भारतीय रेलवे की समयबद्धता और संचालन क्षमता का प्रमाण है।

यह सीमेंट घाटी में चल रही प्रमुख सड़कों, पुलों, सार्वजनिक निर्माण कार्यों और आवासीय परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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उत्तर रेलवे के मुताबिक, इस मालगाड़ी संचालन की योजना अत्यंत सूक्ष्मता से बनाई गई थी। सात अगस्त को रात 11:14 बजे इंडेंट प्राप्त हुआ, और 8 अगस्त को सुबह 9:40 बजे रेक की व्यवस्था कर दी गई। उसी दिन शाम 6:10 बजे लदान पूरा हुआ और मालगाड़ी शाम 6:55 बजे रूपनगर से रवाना हुई।

इसे इलेक्ट्रिक इंजन डब्ल्यूएजी-9 (लोको नं. 32177, ट्रिप नंबर 08/09) द्वारा खींचा गया, जो भारतीय रेलवे की आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने इसे ‘प्रगति और एकीकरण का सशक्त प्रतीक’ बताते हुए कहा कि यह मालगाड़ी सिर्फ एक रेक नहीं, बल्कि कश्मीर घाटी के लिए नए युग की शुरुआत है। इससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स, व्यापार और रोज़गार के नए द्वार खुलेंगे।

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