उपराज्यपाल मनोज सिन्हा गांदरबल में नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान में शामिल हुए

**अब तक कश्मीर घाटी के हर जिले का दौरा कर और प्रत्येक पदयात्रा में शामिल होकर मैं यह कह सकता हूं कि नशा-तस्करी और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक जन आंदोलन खड़ा हो चुका है: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा**

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**पिछले 55 दिनों में 1,036 एफआईआर दर्ज की गईं, 1,128 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 100 से अधिक संपत्तियां जब्त की गईं, लगभग 700 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए तथा 130 तस्करों के पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश की गई: उपराज्यपाल**

 

**श्रीनगर, 5 जून:** उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा आज गांदरबल में ‘नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ पदयात्रा में भाग लिया और जनसभा को संबोधित किया।

 

उपराज्यपाल ने कहा कि अब तक कश्मीर घाटी के हर जिले का दौरा करने और प्रत्येक मार्च में शामिल होने के बाद वह यह विश्वास के साथ कह सकते हैं कि नार्को-आतंकवाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक जन आंदोलन खड़ा हो गया है।

 

उन्होंने बताया कि पिछले 55 दिनों में 1,036 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 1,128 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, 100 से अधिक संपत्तियां जब्त की गई हैं, लगभग 700 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए हैं तथा 130 नशा तस्करों के पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश की गई है।

 

उन्होंने कहा कि 55 दिन पहले जम्मू की धरती से उन्होंने घोषणा की थी कि अब बहुत हो चुका। जो अभियान नशे और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ एक लड़ाई के रूप में शुरू हुआ था, वह आज एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

 

उपराज्यपाल ने नशे की लत से प्रभावित लोगों के उचित पुनर्वास का आश्वासन देते हुए कहा कि उपचार, परामर्श और रोजगार के अवसरों के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। जम्मू-कश्मीर में किसी भी नशा तस्कर या पेडलर को जगह नहीं दी जाएगी।

 

उपराज्यपाल ने कहा कि नशे के कारोबार से प्राप्त धन का उपयोग हथियार खरीदने और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए किया जाता है। यह केवल अपराध का मामला नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और समाज के अस्तित्व का प्रश्न है।

 

उन्होंने कहा कि चाहे पड़ोसी देशों में बैठे हों या जम्मू-कश्मीर के भीतर सक्रिय हों, नार्को-आतंकवादी जनता, युवाओं और विकास के दुश्मन हैं तथा उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

 

उन्होंने माताओं, बहनों और बेटियों से अपने गांवों, शहरों और मोहल्लों की रक्षक बनने तथा युवाओं से अपने स्कूलों और कॉलेजों के संरक्षक बनने का आह्वान किया।

 

उपराज्यपाल ने कहा कि नार्को-आतंकवादियों के दिन गिने-चुने हैं और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

 

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने ‘सिंध संवाद’ पॉडकास्ट श्रृंखला का शुभारंभ किया तथा नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।

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