जज्बे की जीत, अंधेरी सुरंग, चट्टानों से जूझे 82 हाथ

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने व्यक्त किया हर्ष

0

नई दिल्ली । उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में 12 नवंबर से फंसे सभी 41 के 41 मजदूर सकुशल बाहर निकाल लिए गए हैं। बाहर निकलने वाले प्रत्येक मजदूर को शाल उठाकर और माला पहनाकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया।

बाहर निकाले गए सभी मजदूर को चिन्यालीसौंड के अस्पताल में एंबुलेंस द्वारा ले जाया जा रहा है। वहां उनके लिए पहले से ही चिकित्सकीय व्यवस्थाएं की गईं हैं। उनकी प्राथमिक शारिरिक जांच के बाद यदि किसी को आवश्यकता हुई तो अति प्रातःकाल चिनूक हैलीकॉप्टर की सहायता से ऋषिकेश स्थित एम्स ले जाया जाएगा। एम्स (ऋषिकेश) में भी 41 बेड खाली रखे गए हैं।

हांलाकि बाहर आ रहे मजदूर बेहद खुश व स्वस्थ नजर आ रहे हैं। फिर भी 17 दिन तक एक सुरंग में रहने के बाद उनके मानसिक व शारिरिक स्वस्थता के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सिल्कयारा में 17वें दिन मजदूरों को सकुशल निकालने पर राष्ट्रपतिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने हर्ष व्यक्त किया है और इसके लिए एनडीआरफए एसडीआरएफ तथा अन्य एजेंसी की सफल बचाव अभियान के लिए सराहना की है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उन्हें यह जानकर राहत और खुशी महसूस हो रही है कि उत्तराखंड में एक सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को बचा लिया गया है। बचाव कार्य में बाधाओं का सामना करने के कारण 17 दिनों तक की उनकी पीड़ा मानवीय सहनशक्ति का प्रमाण रही है। राष्ट्र उनके जज्बे को सलाम करता है और अपने घरों से दूरए बड़े व्यक्तिगत जोखिम पर भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए उनका आभारी है। वे उन टीमों और सभी विशेषज्ञों को बधाई देती हैं जिन्होंने इतिहास के सबसे कठिन बचाव अभियानों में से एक को पूरा करने के लिए अविश्वसनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थेए उनसे वे कहना चाहते हैं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। वे आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया हैए उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।

प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी और संकल्प.शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वेम पूरी तरह से राहत महसूस कर रहे हैं और खुश है कि सिल्कयारा टनल हादसे में फंसे 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। यह कई एजेंसियों द्वारा किया गया एक समन्वित प्रयास थाए जो हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण बचाव अभियानों में से एक था। अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद विभिन्न विभाग और एजेंसियां एक.दूसरे के पूरक बने। सभी के अथक और ईमानदार प्रयासों और सभी की प्रार्थनाओं से यह ऑपरेशन संभव हो सका। बचाव टीमों के समर्पित प्रयासों के अनुकूल परिणाम मिले हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.