*जे&के भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा: एलजी कविंदर**

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**फगवाड़ा (पंजाब), 7 मार्च:** लद्दाख के उपराज्यपाल **कविंदर गुप्ता** ने फगवाड़ा में आयोजित **Rotary International District 3070 Annual Conference 2026** को संबोधित करते हुए “कश्मीर—मेनस्ट्रीम इंडिया के साथ सामंजस्य” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कश्मीर और लद्दाख के भारत के साथ गहरे सांस्कृतिक, सभ्यतागत और लोकतांत्रिक संबंधों पर प्रकाश डाला।

कश्मीर को “भारत का मुकुट” बताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह क्षेत्र केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, आध्यात्मिकता और धैर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कश्मीर हर भारतीय के दिल में भावनात्मक स्थान रखता है और इसकी संस्कृति, परंपराएं और इतिहास भारत की अवधारणा से गहराई से जुड़े हुए हैं।

कश्मीर की प्राचीन उत्पत्ति को **महर्षि कश्यप** से जोड़ते हुए उन्होंने क्षेत्र की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया, जो “विविधता में एकता” की भारतीय भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि **शारदा पीठ** और **अमरनाथ** जैसे पवित्र स्थल, साथ ही सूफी दरगाहें और बौद्ध मठ, लंबे समय से इस क्षेत्र में आध्यात्मिक समरसता और सांस्कृतिक सह-अस्तित्व का प्रतीक रहे हैं।

उपराज्यपाल ने यह भी स्वीकार किया कि बीते दशकों में क्षेत्र ने संघर्ष और उथल-पुथल का कठिन दौर देखा है। उन्होंने कहा कि उन वर्षों में कश्मीर के लोगों ने जो पीड़ा झेली, उसे हमेशा संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ याद रखा जाना चाहिए।

5 अगस्त 2019 के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए कविंदर गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** के नेतृत्व में **अनुच्छेद 370** को हटाना जम्मू-कश्मीर के लिए परिवर्तनकारी क्षण साबित हुआ। इस निर्णय से भारत के अन्य नागरिकों को प्राप्त संवैधानिक अधिकार और कानूनी सुरक्षा अब पूरी तरह क्षेत्र के लोगों पर भी लागू हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस बदलाव ने अवसर, सशक्तिकरण और विकास के एक नए युग की शुरुआत की है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जहां लोगों की आकांक्षाएं और अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने **ज़ोजिला टनल** और **ज़ेड-मोरह टनल** जैसे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जो कनेक्टिविटी को बेहतर बना रहे हैं और मौसमी मार्गों को हर मौसम में चलने वाली जीवनरेखा में बदल रहे हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्यधारा के और करीब आ रहे हैं।

उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार का भी जिक्र किया, जिसमें नए मेडिकल कॉलेज, **IIT**, **IIM** और **AIIMS** जैसी संस्थाओं की स्थापना शामिल है। इससे क्षेत्र के युवाओं को अपने घर के पास ही बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर में **G20** बैठक का सफल आयोजन क्षेत्र के बढ़ते आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान का प्रतीक है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में पर्यटन ने भी रिकॉर्ड संख्या हासिल की है, जो आगंतुकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जुलाई 2025 में लद्दाख के उपराज्यपाल का पद संभालने के बाद के अपने अनुभव साझा करते हुए कविंदर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को समझने के लिए दूर-दराज और कठिन इलाकों का व्यापक दौरा किया है। उन्होंने लद्दाख के लोगों के साहस और दृढ़ता की सराहना की, जो कठिन जलवायु परिस्थितियों के बावजूद जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।

“**एक भारत, श्रेष्ठ भारत**” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और लद्दाख से लक्षद्वीप तक भारत एकजुट, मजबूत और अविभाज्य है।

उन्होंने कहा, “कश्मीर भारत का अभिन्न और गौरवशाली हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।”

उपराज्यपाल ने विश्वास जताया कि नागरिकों, संस्थाओं और रोटरी जैसी संगठनों के सामूहिक प्रयास देशभर में एकता, विकास और सद्भाव को और मजबूत करेंगे।

बाद में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर **रोहित ओबरॉय** और आरआई डायरेक्टर **गुरजीत सिंह शेखो** ने उपराज्यपाल को उनके उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा और विकास, सुशासन तथा राष्ट्र-निर्माण में योगदान के लिए **‘Rotary World Changemaker Award’** से सम्मानित किया।

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